अल्लकोंडा किले संरक्षण समिति ने निजामाबाद के सांसद धर्मपुरी अरविंद से की अपील
आर्मूर प्रतिनिधि : देश के प्राचीन स्मारकों के संरक्षण और मरम्मत में बाधा बन रहे पुराने कानूनों में संशोधन के मुद्दे को संसद में उठाने की मांग को लेकर अल्लकोंडा किला संरक्षण समिति के प्रतिनिधियों ने बुधवार को निजामाबाद के सांसद धर्मपुरी अरविंद से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि निजामाबाद जिले में स्थित अल्लकोंडा किले का ऐतिहासिक महत्व है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, वर्ष 1059 में अल्लैया कोंडैया के शासनकाल में अल्लकोंडा गांव का निर्माण हुआ था। उन्होंने चिंता जताई कि देश में अनेक प्राचीन ऐतिहासिक इमारतें उचित मरम्मत और संरक्षण के अभाव में जर्जर होती जा रही हैं।
प्रतिनिधियों ने कहा कि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्राचीन स्मारकों की मरम्मत के मामले में पुराने कानून बाधा बन रहे हैं। यदि इन कानूनों में आवश्यक संशोधन किए जाएं, तो ऐतिहासिक धरोहरों की मरम्मत और संरक्षण का रास्ता आसान हो सकता है। इससे देश की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकेगा।
समिति ने सांसद से आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे को उठाने और प्राचीन स्मारकों के संरक्षण से संबंधित कानूनों में संशोधन की आवश्यकता पर सवाल पूछने का आग्रह किया।
इस अवसर पर अल्लकोंडा किला संरक्षण समिति के कार्यकारी अध्यक्ष ब्रह्म रौतु नरसिंह राव, सचिव डॉ. पवन कुमार, ब्राह्मणपल्ली जगदीश्वर, सूत्रावे संतोष कुमार तथा तेलंगाना प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता अब्बागोनी अशोक गौड़ सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
संसद में सवाल उठाने का सांसद ने दिया आश्वासन
समिति की मांग पर सांसद धर्मपुरी अरविंद ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राचीन ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण आवश्यक है और इस संबंध में पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा बनाए गए पुराने कानूनों के मुद्दे को संसद में उठाएंगे।
सांसद ने इस विषय पर संसद में प्रश्न प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक प्रश्न-नोट तैयार करने का निर्देश अपने आधिकारिक सचिव को दिया। इसे ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
