ताडकोल में अखंड हरिनाम सप्ताह कार्यक्रम श्रद्धाभाव से जारी.
बांसवाड़ा प्रतिनिधि विश्वंभर कुलकर्णी :- कामारेड्डी जिले के बांसवाड़ा मंडल के ताडकोल गांव स्थित श्री रुक्मिणी विठलेश्वर मंदिर में अखंड हरिनाम सप्ताह कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ जारी है। बुधवार को कार्यक्रम के तीसरे दिन नांदेड़ जिले के बेंद्री से पधारे श्री बालयोगी श्याम सुंदर गिरी स्वामीजी ने संत तुकाराम महाराज द्वारा रचित चार चरणों के अभंगों पर प्रवचन दिया।
स्वामीजी ने कहा कि इस मानव जीवन को प्राप्त करने वालों में वही सच्चे भाग्यवान और समृद्ध हैं, जिनके मुख पर सदैव भगवान का नाम रहता है। उन्होंने कहा कि पंचमहाभूतों से बना यह शरीर एक दिन उन्हीं पंचमहाभूतों में विलीन हो जाता है। शरीर का नाश निश्चित है, लेकिन जीवात्मा अमर है।
उन्होंने बताया कि जीवात्मा अपने शेष कर्मों को लेकर पुनः जन्म लेती है। यदि जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति और सच्चे सुख की प्राप्ति करनी है तो प्रत्येक व्यक्ति को परमात्मा की भक्ति और परमार्थ के मार्ग पर चलना चाहिए।
स्वामीजी ने कहा कि मनुष्य को प्राप्त यह दुर्लभ नरजन्म अत्यंत अमूल्य है। यदि इसे सार्थक बनाना है तो भगवान को अपना सच्चा सहारा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि ईश्वर को पाने के लिए केवल निर्मल भाव आवश्यक है। इसके लिए मनुष्य को अपने भीतर के दुर्गुण, अवगुण और विकारों को त्यागना होगा।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के मन में किसी प्रकार का अवगुण नहीं होता, उसे त्रिलोक में किसी प्रकार का भय नहीं रहता। ऐसे भक्तों के साथ भगवान सदैव रहते हैं और उनके सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण करते हैं।
इस अवसर पर गांव के वरिष्ठजन उप्पिडी श्रीनिवास रेड्डी, अल्ली जगन, गंगुला गंगाराम, राजी रेड्डी, बोयिनी गंगाराम, गौड़ गणेश, पटलोला श्रीनिवास रेड्डी, गुरु विनय, कोत्ताकोंडा भास्कर, बालराज, कोल्ला गंगाराम सहित बांसवाड़ा, मल्लूर, गनपुर, बुडिमी, बोल्लकपल्ली, नेमली और संगेम सहित आसपास के गांवों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
