हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने ₹1.22 करोड़ की निवेश ठगी का पर्दाफाश किया, दो आरोपी गिरफ्तार.
हैदराबाद प्रतिनिधी:- हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने ₹1.22 करोड़ की ऑनलाइन निवेश एवं ट्रेडिंग धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर और मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। मामले में हैदराबाद के बेगमपेट निवासी ए1, तेलंगाना के वनपर्थी निवासी ए3, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर निवासी ए4, तेलंगाना के चंपापेट निवासी ए5 तथा महाराष्ट्र के परभणी निवासी ए6 और ए9 को आरोपी बनाया गया है।
मामला क्या है?
जनवरी 2026 में हैदराबाद निवासी एक व्यक्ति को व्हाट्सएप पर “282 BARCLAYS India High-Quality Stock Trading Research Group” नामक समूह के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रलोभन दिया गया। ठगों ने BarclaysDailyTrading.com और app.bulishmark.com जैसे फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश कराने के नाम पर भारी मुनाफे और आईपीओ आवंटन का झांसा दिया।
शुरुआत में पीड़ित को ₹1.05 लाख की निकासी कराकर विश्वास दिलाया गया। इसके बाद उसने 19 अलग-अलग लेनदेन में कुल ₹1.22 करोड़ से अधिक की राशि निवेश कर दी। ठगों ने फर्जी तौर पर ₹15.69 करोड़ का लाभ दिखाया और आईपीओ जारी करने के नाम पर अतिरिक्त ₹35 लाख की मांग की।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपियों में से एक ने उच्च मूल्य वाले चालू बैंक खाते खोलने के उद्देश्य से एक कंपनी बनाई थी। इन खातों की इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं तीसरे पक्ष को उपलब्ध कराई जाती थीं, जिनका उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को इधर-उधर भेजने और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता था आरोपियों द्वारा कमीशन के आधार पर असली व्यावसायिक खातों की व्यवस्था की जाती थी तथा कुछ खातों को रिमोट एक्सेस और ओटीपी हेरफेर के जरिए सक्रिय किया जाता था।
जांच में पता चला कि आरोपी ए5 द्वारा उपलब्ध कराया गया यस बैंक खाता देशभर के 26 साइबर अपराध मामलों से जुड़ा था, जिनमें तेलंगाना के 4 मामले शामिल हैं। इस खाते के माध्यम से ₹1.10 करोड़ से अधिक का लेनदेन हुआ। इसी प्रकार, आरोपी ए6 और ए9 द्वारा उपलब्ध कराया गया सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया खाता देशभर के 18 मामलों से जुड़ा पाया गया, जिनमें तेलंगाना के 2 मामले शामिल हैं। इस खाते के माध्यम से लगभग ₹3.37 करोड़ का लेनदेन किया गया।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
3 मोबाइल फोन
4 एटीएम/डेबिट कार्ड
2 चेक बुक
2 बैंक पासबुक
3 एयरटेल सिम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई
डीसीपी साइबर क्राइम श्री वी. अरविंद बाबू के मार्गदर्शन तथा एसीपी श्री शिवा मारुति के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर वाई. गौरी नायडू के नेतृत्व वाली टीम ने एसआई के. हिमा रेड्डी, एचसी च. सुनील, पीसी पी. अशोक, पी. साईनाथ, एम. राजेंद्र और डब्ल्यूपीसी डी. मीना के सहयोग से आरोपियों को गिरफ्तार कर इस संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
साइबर सुरक्षा सलाह
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अज्ञात नंबरों से आने वाली कॉल, निवेश योजनाओं और अत्यधिक मुनाफे के झांसे से सावधान रहें। सीबीआई, ईडी, आरबीआई, कस्टम्स, साइबर पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसियों के नाम पर आने वाली धमकी भरी कॉलों पर विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
